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भारतीय रेल

INDIAN RAILWAYS

भारतीय रेल एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है और यह एक एकल स्वमित्व वाला वर्ल्ड का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है | 

भारतीय रेलवे का इतिहास एवं इसके रोचक और महत्वपूर्ण तथ्य – Indian Railway History in Hindi

भारतीय रेलवे की स्थापना16 अप्रैल 1853
स्वामित्वरेलवे मंत्रालय, भारत सरकार
मुख्यालयनई दिल्ली
प्रमुख व्यक्तिरेल मंत्री, भारत सरकार

सबसे पहला लोकोमोटिव भाप इंजन – First Locomotive Engine

सबसे पहला लोकोमोटिव भाप इंजन ”थॉमसन” (जनरल गेज 4’8.1/2”) और ब्रॉड गेज का लार्ड फॉकलैंड (5.6”) साल 1851 से 1852 के बीच भारत पहुंचा।

भारतीय रेल का स्वर्णिम इतिहास (History of Indian Railway )

1843 : लार्ड डलहौजी ने रेलवे संचार के साधन के द्वारा भारत को जोड़ने की संभावना की कल्पना की और भारत में असीम प्राकृतिक सम्पदा को लुटाने के लिए और ब्रिटेन को और अधिक समृद्ध करने के लिए की थी जैसे अनाज , बहुमूल्य लकड़िया , मसाले , फल , कोयला , लोहा , और तमाम बहुमूल्य वस्तुओ के एक्सपोर्ट पर जबरस्त उछाल आया | 
भारतीय रेलवे से जुड़ी रोचक जानकारी

रेलवेज के लिए देश में 115,000 किमी के ट्रैक बनाए जा चुके हैं। हर दिन करीब 12,617 ट्रेनों पर 23 लाख यात्री सफर करते हैं  भारतीय रेल ट्रैक की कुल लंबाई 64 हजार किलोमीटर से ज्यादा है। वहीं अगर यार्ड, साइडिंग्स वगैरह सब जोड़ दिए जाएं तो यही लंबाई 1 लाख 10 हजार किलोमीटर से भी ज्यादा हो जाती है।
  • सबसे पहली हाई स्पीड ट्रैन 
ज्ञात हो कि  वर्ष 2014 में प्रति घंटे 160 किलोमीटर की दर से ट्रैन परिचालन के लिए एक सफल टेस्ट हुआ और उसके कुछ महीने बाद फिर सेमी हाई स्पीड ट्रैन गतिमान का सफल टेस्ट हुआ यह ट्रैन मात्रा ९० मिनट में दिल्ली और आगरा   के बीच चलाया गया | 
  • 1986 में हुआ कम्प्युटरीकरण 
जुलाई 1986 में भारतीय रेल मंत्रालय ने कंप्यूटर पर भारतीय रेलवे की हर जानकारी और एक्टिविटी के लिए CRIS और ICRS जैसे संस्थानों की स्थापना की गई थी | इस तरह के प्रयासों के बाद रेलवे में कंप्यूटर का इस्तेमाल किया गया और तेजी से कंप्यूटर को बढ़ावा मिला और रेलवे डिपार्टमेंट में उन्नति हुई |